दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल समुद्री केबल प्रणाली 2अफ्रीका पर्ल्स भारतीय तट पर लेकर आई है. यह देश के संचार नेटवर्क को अफ्रीका, यूरोप और पश्चिम एशिया से जोड़ेगा.
एयरटेल ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2अफ्रीका पर्ल्स केबल प्रणाली भारत में 100 टीबीपीएस (टेराबिट्स प्रति सेकंड) से अधिक अंतरराष्ट्रीय क्षमता लाएगी.
एयरटेल के निदेशक (कारोबार) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शरत सिन्हा ने बयान में कहा, ‘‘हम 2अफ्रीका पर्ल्स केबल को भारत में लाने को लेकर रोमांचित हैं. यह हमारे नेटवर्क की मजबूती को बढ़ाएगा. हम अपने वैश्विक नेटवर्क में आक्रामक रूप से विविधता ला रहे हैं और हाल ही में चेन्नई और मुंबई में एसईए-वी-एमई-6 केबल उतारा है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने ग्राहकों को भरोसेमंद और बेहतर गुणवत्ता वाला नेटवर्क देने के उद्देश्य से वैश्विक केबल प्रणाली और भविष्य को ध्यान में रखकर अपने नेटवर्क में निवेश करना जारी रखेंगे.’’
सबमरीन केबल एक प्रमुख बुनियादी ढांचा है जो ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए देशों को एक दूसरे से जोड़ता है. दुनिया भर में लगभग 650 सबमरीन केबल प्रणाली हैं, जिनमें से 570 के चालू होने का अनुमान है. एयरटेल भारत में 2अफ्रीका पर्ल्स केबल के लिए भागीदार है.
बयान में कहा गया है कि 2अफ्रीका पर्ल्स 2अफ्रीका केबल प्रणाली का एक हिस्सा है, जो पूरा होने पर दुनिया की सबसे लंबी समुद्र के रास्ते आने वाली केबल प्रणाली होगी. यह केबल पश्चिम एशिया के रास्ते एशिया को अफ्रीका और यूरोप को जोड़ने वाली होगी. इसकी लंबाई 45,000 किलोमीटर से अधिक होगी.
2अफ्रीका केबल सिस्टम की अगुवाई बायोबैब, सेंटर3, चाइना मोबाइल इंटरनेशनल, मेटा, ऑरेंज, टेलीकॉम इजिप्ट, वोडाफोन ग्रुप और डब्ल्यूआईओसीसी का एक समूह कर रहा है, जबकि अल्काटेल सबमरीन नेटवर्क केबल के विनिर्माण और स्थापना के लिए जिम्मेदार है.