राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने भारतीय मुद्रा के जाली नोटों (FCIN) की छपाई में शामिल सात ठिकानों का भंडाफोड़ किया है. वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि 20 फरवरी को डीआरआई ने महाराष्ट्र, हरियाणा, तेलंगाना, तमिलनाडु और बिहार में 11 अलग-अलग जगहों पर एक साथ तलाशी ली और नकली मुद्रा की छपाई में शामिल सात ठिकानों का भंडाफोड़ किया.
वर्तमान मामले में, मुंबई के विक्रोली पश्चिम में डीआरआई ने आयातक की पहचान की और उसका पता लगाया. घनी आबादी वाले इलाके में गहन तलाशी के बाद भारतीय मुद्रा के नकली नोटों की छपाई और परिष्करण के लिए एक अत्याधुनिक सुविधा का पता चला. टीम ने यहां से 50 रुपये और 100 रुपये के मूल्यवर्ग के नकली नोट और कई मशीनरी/उपकरण जब्त किए.
जब्त की गई वस्तुओं में लैपटॉप, प्रिंटर, पेन ड्राइव, सिक्योरिटी पेपर, ए-4 आकार के कागज और महात्मा गांधी के वाटरमार्क वाले बटर पेपर आदि हैं.
डीआरआई अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया और जांच के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा सभी उपकरण जब्त कर लिए गए.
संगमनेर जिले और कोल्हापुर जिले में डीआरआई ने कंप्यूटर और प्रिंटर के साथ इसी तरह की सुविधा का पता लगाया, जिसका इस्तेमाल नकली नोट छापने के लिए किया जा रहा था.
दोनों जगहों पर डीआरआई अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और जांच के लिए भारतीय न्याय संहिता के तहत संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रतिबंधित सामान को जब्त कर लिया गया.
कोल्हापुर मॉड्यूल के आरोपियों से पूछताछ के बाद कोल्हापुर पुलिस ने बेलगाम में प्रिंटिंग सेटअप वाले एक अन्य मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया तथा मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया.
तीन अन्य स्थानों (आंध्र प्रदेश में पश्चिमी गोदावरी जिला; बिहार में खगड़िया जिला और हरियाणा में रोहतक) में प्रतिबंधित कागज के आयातकों का पता लगाया गया.
पश्चिमी गोदावरी में प्रतिबंधित कागज और प्रिंटर जैसे अपराध साबित करने वाले साक्ष्य, खगड़िया जिले में लैपटॉप, प्रिंटर और प्रतिबंधित सुरक्षा कागज भी बरामद किए गए.
मंत्रालय ने कहा कि तीनों आरोपियों को डीआरआई अधिकारियों की शिकायत के आधार पर संबंधित पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और मामले को आगे की जांच के लिए सौंप दिया गया है.
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