अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को रुपया सीमित दायरे में कारोबार के बीच दो पैसे के नुकसान के साथ 85.52 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. घरेलू शेयर बाजार की तेजी से रुपये को जो समर्थन मिल रहा था, उसे जवाबी व्यापार शुल्क को लेकर कायम अनिश्चितताओं ने बेअसर कर दिया.विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि भारतीय रुपया वित्त वर्ष 2025-26 के पहले कारोबारी सत्र में अमेरिका की जवाबी शुल्क चिंताओं और विदेशी कोषों की निकासी के कारण लगभग सपाट रुख के साथ बंद हुआ. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी रुपये पर दबाव डाला.
उन्होंने बताया कि हालांकि सकारात्मक घरेलू बाजार तथा डॉलर में कमजोरी के रुख ने गिरावट को कुछ सीमित कर दिया. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 85.65 प्रति डॉलर पर खुला. यह कारोबार के दौरान 85.50 प्रति डॉलर के उच्चस्तर तक गया तथा 85.73 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक आया. कारोबार के अंत में डॉलर के मुकाबले रुपया 85.52 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से दो पैसे की गिरावट है. रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.50 पर बंद हुआ था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी वस्तुओं पर भारत और अन्य देशों द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क की बार-बार आलोचना की है. वह दो अप्रैल को जवाबी शुल्क की एक श्रृंखला शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह अमेरिका के लिए ‘मुक्ति दिवस’ होगा. बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 का पहला कारोबारी सत्र था। बैंकों की वार्षिक खाता बंदी के कारण मंगलवार को मुद्रा और बान्ड बाजार बंद रहे थे.
31 मार्च को ‘ईद-उल-फितर’ के कारण शेयर, मुद्रा, जिंस और डेरिवेटिव बाजार बंद थे. वित्तवर्ष 2024-25 में रुपये में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी. दो अप्रैल, 2024 को यह डॉलर के मुकाबले 83.42 पर था. इस साल मार्च में, रुपये में 2.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो नवंबर, 2018 के बाद से अधिकतम है जब रुपये ने पांच प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की थी. मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘व्यापार शुल्क अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता के बीच रुपया नकारात्मक रहेगा. हालांकि, विदेशी पूंजी प्रवाह और सकारात्मक घरेलू बाजार से निचले स्तर पर रुपये को समर्थन मिलेगा.’’
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.13 पर रहा. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.12 प्रतिशत लुढ़ककर 74.40 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 592.93 अंक की तेजी के साथ 76,617.44 अंक पर और निफ्टी 166.65 अंक की तेजी के साथ 23,332.35 अंक पर बंद हुआ. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने बुधवार को शुद्ध रूप से 1,538.88 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
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